🔥 MLA विकास ठाकरे बोले — “पुनर्वास के बिना विस्थापन नहीं होने दूंगा”
DPT NEWS ✍️🗞️📰🗞️✍️🚨 दर्शन पोलीस टाईम🚨प्रतिनिधी सीमा ठाकूर
नागपुर :- इतवारी से मोतीबाग रेलवे स्टेशन के पास स्थित चर्चित डोबी बस्ती को हटाने के लिए रेलवे द्वारा जारी नोटिस के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है। रेलवे की इस कार्रवाई के विरोध में डोबी झोपड़पट्टी बचाओ संस्था और नागपुर शहर कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग अध्यक्ष वसीम ख़ान के नेतृत्व में करीब 500 लोगों का विशाल मोर्चा डी.आर.एम. (रेलवे मंडल कार्यालय) पर निकाला गया।
🏛️ MLA विकास ठाकरे को सौंपा गया ज्ञापन
संस्था ने पश्चिम नागपुर के विधायक विकास ठाकरे को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि 50 से 60 साल पुरानी इस बस्ती को बिना कानूनी प्रक्रिया, बिना सर्वे और बिना किसी मुआवज़े या पुनर्वास के जबरन खाली कराया जा रहा है।
संस्था ने बताया कि 29 अक्टूबर 2025 को जारी नोटिस में 3 नवंबर 2025 तक जगह खाली करने का आदेश है, लेकिन नोटिस में न तो घर नंबर का ज़िक्र है और न ही ज़मीन के क्षेत्रफल का उल्लेख।
🗣️ DRM का जवाब:
डी.आर.एम. ने प्रतिनिधियों से कहा —
“मैं इस मामले में बड़े अधिकारियों से बात कर रहा हूं, आप लोग भी अपने वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करें।”
✋ MLA विकास ठाकरे का सख्त रुख:
विधायक ठाकरे ने DRM और प्रशासन से कहा —
“जब तक इन लोगों को वैकल्पिक आवास नहीं दिया जाता, तब तक किसी को भी यहां से हटाया नहीं जाएगा। पहले इनके पुनर्वास की व्यवस्था करें।”
उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे पर राज्य के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
वसीम ख़ान ने आरोप लगाया कि, “रेलवे ने जो नोटिस भेजे हैं, उनमें कई नाम ऐसे हैं जो अब जीवित ही नहीं हैं। इसका मतलब है कि यह नोटिस 30 साल पुराने सर्वे के आधार पर जारी किए गए हैं। जब तक पुनर्वास की व्यवस्था नहीं होती, हम यहां से नहीं हटेंगे।”
इस मौके पर समाजसेवी फ़हीम अंसारी, इरफ़ान भाई, अब्दुल मोइज़ शेख, असलम भाई, जावेद अख़्तर, सारुख, सोनू, भूरु भाई सहित 500 नागरिक और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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